जयपुर, 4 सितंबर 2025: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़े भूमि घोटाले की जांच के तहत जयपुर शहर के प्रमुख जमीन कारोबारियों के 20 ठिकानों पर बुधवार सुबह छापेमारी की। इस कार्रवाई में ज्ञानचंद अग्रवाल, गोवर्धन अग्रवाल, दलपत सिंह, प्रभुलाल चौपड़ा, जेकेडी ग्रुप और मानसरोवर क्षेत्र के चौपड़ा परिवार के सदस्य मुख्य रूप से शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक, ED ने पिछले छह महीनों से इस जमीन घोटाले की जानकारी जुटाई है और पिछले दो वर्षों से कारोबारियों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। इस छापेमारी में बड़ी मात्रा में बेनामी संपत्ति और काला धन मिलने की संभावना जताई जा रही है। ज्ञात रहे कि ज्ञानचंद अग्रवाल के खिलाफ जयपुर के अलग-अलग थानों में 200 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
ED की टीम ने अग्रवाल के गोपालपुरा स्थित उनके आवास ‘नारायण निवास’ और शिप्रापथ के कार्यालय समेत जेकेडी ग्रुप से जुड़े होटल हिल्टन और ग्रैंड उनियारा में भी छापेमारी की।
भूमि घोटाले के साथ ही ज्ञात हुआ है कि अग्रवाल ने हाल ही में जयपुर के एक बड़े अस्पताल में भी निवेश किया है, जहां काले धन के लेन-देन की भी जांच की जा रही है। ED अब अस्पताल संचालकों से भी पूछताछ कर सकता है।
इस कार्रवाई में जिन कंपनियों पर ED ने छापेमारी की है, उनमें श्री सालासर ओवरसीज, शिवम कॉलोनाइजर्स, पिंकसिटी हाई-लैंड, वंडरलैंड प्रॉपर्टीज, जेकेडी पर्ल, सिटी वंडर कॉलोनाइजर, पीसफुल कंस्ट्रक्शन, लश्करी डवलपर्स, ग्रैंड उनियारा होटल लिमिटेड, श्री इंफ्रालाइन, राजस्थान बिल्डकॉन और कैलाश बिल्डकॉन प्रमुख हैं।
दो वर्षों से जारी जांच के दौरान मिली सूचनाओं के आधार पर ED ने दावा किया है कि इन समूहों के माध्यम से काला धन, नकदी और बेनामी संपत्तियों का कारोबार हुआ है।
यह छापेमारी आम जनता में भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद जगाती है। जांच का दायरा और आगे बढ़ने की संभावना है, जबकि अभी तक ED की ओर से इस कार्रवाई पर आधिकारिक बयान नहीं आया है।
यह मामले राजस्थान में भूमि घोटाले और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का परिचायक माना जा रहा है। जांच अधिकारी जल्द ही मामलों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक कर सकते हैं।






