जयपुर जिले में हुई भारी बारिश के चलते कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। विगत दिनों में लगातार हुई बारिश के कारण विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव और सड़कों पर पानी भर गया, जिससे आमजन को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने त्वरित रूप से राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं, ताकि प्रभावित परिवारों तक समय पर आवश्यक सहायता पहुंच सके।
जिला कलक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी स्वयं आपदा प्रबंधन का निरंतर निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों की आपात बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राहत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन ने उपखंड अधिकारी, तहसीलदार व राजस्व अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर न केवल हालात की मॉनिटरिंग करवाई बल्कि नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को भी राहत कार्य में लगाया है। जेसीबी मशीन, पंप सेट और अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है ताकि जल्दी से जल्दी जलभराव की समस्या से छुटकारा मिल सके।
प्रभावित परिवारों को सुरक्षित ठिकानों पर स्थानांतरित किया गया है और उन्हें प्रशासन द्वारा राशन किट, फूड पैकेट्स एवं अन्य आवश्यकता की वस्तुएं वितरित की जा रही हैं। कोटखावदा क्षेत्र में विशेष निगरानी हेतु अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अस्थायी नियुक्ति की गई है, ताकि प्रभावित क्षेत्र में राहत कार्यों की गति में किसी भी प्रकार की कमी न आये। ऐसे जलभराव वाले इलाकों में चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और लाउडस्पीकर के माध्यम से निरंतर सावधान किया जा रहा है कि लोग अनावश्यक रूप से इन इलाकों में न जाएँ तथा स्वयं को सुरक्षित स्थान पर ही रखें।
बारिश से हुई फसल क्षति का आकलन करने के लिए प्रशासन ने राजस्व अधिकारियों की टीमें गठित की हैं, जो गांव-गांव सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे की प्रक्रिया तेज़ की जा रही है। जिला आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम दिन-रात सक्रिय है और किसी भी आपात स्थिति में आमजन जिला कंट्रोल रूम के नंबर 0141-2204475 व 0141-2204476 पर तत्काल संपर्क कर सकते हैं।
जिला कलक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों की ओर न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से सम्पर्क करें, जिससे राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो सके। प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है – जन-जीवन की सुरक्षा, प्रभावितों तक त्वरित सहायता पहुंचाना और आपदा की परिस्थिति में त्वरित एवं समन्वित निर्णय लेते हुए आमजन के हितों की रक्षा करना।






