राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत 24 जुलाई को यहां डॉ अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर में ‘मातृत्व विमर्श’ देश की प्रबुद्ध मातृशक्ति के साथ करेंगे।
विश्वमांगल्य सभा की ओर से बुधवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी गयी। इस मौके पर आरएसएस के शताब्दी वर्ष में आयोजित होने वाली सभा की दो दिवसीय उत्तर भारत प्रबोधन बैठक के बारे में भी बताया गया।
विश्वमांगल्य सभा की राष्ट्रीय संगठन मंत्री वृषाली जोशी ने बताया कि विश्वमांगल्य सभा की स्थापना 19 जनवरी 2010 को महाराष्ट्र के नागपुर में हुई थी। विश्वमांगल्य सभा पिछले 16 वर्षों से मातृशक्ति के सशक्तिकरण, परिवार एवं सामाजिक जागरण के क्षेत्र में कार्यरत एक राष्ट्रव्यापी संगठन है। संगठन का मूल ध्येयवाक्य ‘न मातुः पर देवतम’ अर्थात ‘माँ से बढ़कर कोई देवता नहीं’ है।
उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में संगठन का कार्य देश के 33 प्रांतों में चल रहा है तथा 3500 दायित्वधारी कार्यकर्ता और छह लाख महिलाएं इस संगठन से जुड़ी है। हाल ही में दिल्ली सहित 23 प्रांतों में महिला अधिवेशन आयोजित किये गये, जिनमें लगभग 35 हजार महिलाओं की सहभागिता रही। इन संवादों के आधार पर संगठन ने आगामी वर्षों के लिए ‘युगानुकूल मातृत्व’ इस विषय पर विविध उपक्रमों द्वारा कार्य करने का तय किया है।
श्रीमती जोशी ने बताया कि इस वर्ष पहली बार डॉ. भागवत ने देश की प्रबुद्ध महिलाओं के सामने विशेष व्याख्यान तथा चर्चा करने का निर्णय लिया है। उनका एक व्याख्यान यहां के डॉ अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर में और एक व्याख्यान दक्षिण भारत के हैदराबाद स्थित सेवालाल बंजारा भवन में होगा।
उन्होंने बताया कि उत्तर भारत की प्रबोधन बैठक 23 और 24 जुलाई को यहां के चाणक्यपुरी स्थित विश्व युवक केंद्र होगी, जबकि दक्षिण भारत की बैठक 25- 26 जुलाई को हैदराबाद में होगी। दिल्ली में आयोजित बैठक में उत्तर भारत के विभिन्न प्रांतों और क्षेत्रों से लगभग 280 प्रतिनिधि महिलाएं भाग लेंगी। इनमें जम्मू, बारामूला, अनंतनाग, लेह-लद्दाख, पश्चिम बंगाल के दूरस्थ क्षेत्रों सहित अवध, मालवा, महाकौशल, गुजरात, राजस्थान, बिहार, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश और अन्य 19 प्रांतों की मातृशक्ति की सहभागिता रहेगी।
श्रीमती जोशी ने बताया कि 24 जुलाई को पूर्वाह्न में विश्व युवक केंद्र में डॉ. भागवत के साथ बैठक एवं प्रबोधन सत्र आयोजित होगा। इसके पश्चात शाम पांच बजे डॉ अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर उनका देश की प्रबुद्ध मातृशक्ति के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में यह कार्यक्रम विशेष रूप से ऐतिहासिक है। संघ के अब तक के पाँचों सरसंघचालकों के कार्यकाल में पहली बार ऐसा अवसर होगा जब सरसंघचालक डॉ. भागवत देश की प्रबुद्ध मातृशक्ति के साथ ‘मातृत्व विमर्श’ विषय पर विस्तृत संवाद करेंगे। इस सत्र में प्रश्नोत्तर का भी विशेष आयोजन रहेगा। इस कार्यक्रम में दिल्ली सहित उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से 700 से 800 महिलाओं की उपस्थिति का अनुमान है, जबकि हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 1,300 प्रतिनिधियों के शामिल होंगी।






