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क्या प्रहलाद पटेल छोड़ेंगे कैबिनेट मंत्री का पद? उमरिया में छलका दर्द, बोले- मन में चल रहा मंथन

उमरिया 
 मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल का एक बयान सुर्खियों में है. हाल ही में उमरिया पहुंचे पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल से जब पत्रकारों ने दतिया घटनाक्रम पर सवाल किया, तो उन्होंने अपने अंदाज में कह दिया कि मैं खुद पद छोड़ने बैठा हूं, हमें पद का मोह नहीं. जानें प्रहलाद पटेल ने आखिर ऐसा क्यों कहा?

हम तो चाहते हैं मुक्त हो जाएं, पद का मोह नहीं : प्रहलाद पटेल
 एक दिवसीय दौरे पर उमरिया पहुंचे कैबिनेट मंत्री से जब एक पत्रकार ने कहा, ” जिस तरह नरोत्तम मिश्रा जी का टिकट काट दिया गया, आपको भय नहीं लगता कि ऐसा आपके साथ भी हो सकता है?” इस पर प्रहलाद पटेल ने मुस्कुराते हुए कहा, ” हम तो चाहते हैं कि इससे मुक्त हो जाएं. इसमें भय जैसी क्या बात है? भारतीय जनता पार्टी में कोई पद के लिए नहीं जीता, आप बहुत गलतफहमी में हैं. इसलिए आप ये सवाल कांग्रेस के लोगों से पूछिए. हम लोगों को तो कभी भी नमस्ते करने तैयार रहते हैं। 

बीजेपी के कद्दावर नेता हैं प्रहलाद पटेल
प्रहलाद पटेल भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं. राज्य से लेकर केंद्र तक की राजनीति में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई है. वर्तमान में मोहन यादव सरकार में प्रहलाद पटेल पंचायत एवं ग्रमीण विकास मंत्री हैं. इससे पहले वे केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्र की जगह उन्हें फिर राज्य की राजनीति में भेजा गया था. प्रहलाद पटेल के राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्रसंघ की राजनीति से शुरू हुई थी. इसके बाद उन्होंने युवा मोर्चा के अध्यक्ष पद से लेकर, पांच बार सांसद और केंद्रीय मंत्री तक का लंबा सफर तय किया है. प्रहलाद पटेल 1989 में पहली बार सांसद बने थे। 

जल संरक्षण कार्यक्रम में पहुंचे थे प्रहलाद पटेल
इससे पहले पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने उमरिया में जल संरक्षण को लेकर विशेष संदेश दिया. उन्होंने कटारिया ग्राम के मछडार नदी व उमड़ार नदी के उद्गम स्थल की पूजा अर्चना करते हुए जल स्रोतों के संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की. उन्होंने कहा, ” छोटी-छोटी नदियां और प्राकृतिक जल स्रोत भी ग्रामीण जीवन की आधारशिला हैं. ऐसे में इनका संरक्षण नहीं किया गया तो जल संकट गंभीर हो सकता है.” उन्होंने कहा, ” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल संकट को देखते हुए कहा है कि बारिश का जल ज्यादा से ज्यादा जमीन के अंदर जाना चाहिए और हमें भी जल संरक्षण के लिए प्रयास करना होगा. मैं नर्मदा परिक्रमावासी हूं और ये बात कह सकता हूं कि अगर छोटी नदियों में हमने बारह मासी पानी बनाए रखने का प्रयास किया तो बड़ी नदियों में पानी कम नहीं होगा। 

नदियों को बारहमासी बनाने के लिए लगाएं पेड़
प्रहलाद पटेल ने मीडिया से आगे कहा कि छोटी नदियों को बारहमासी बनाने के लिए कंक्रीट के निर्माण की जगह स्थानीय प्रजातियों के अधिक से अधिक पेड़ उनके किनारों पर लगाए जाने चाहिए. ये केवल वहीं पेड़ होने चाहिए जैसे पहले हुआ करते थे, कोई अलग पेड़ों की जरूरत नहीं. उन्होंने कहा कि शुद्ध पेय जल और पर्यावरण संरक्षण के लिए छोटी नदियों को बचाना अब सबसे बड़ी जरूरत है. इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यवक्ष अनुजा पटेल, सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, श्री आशुतोष अग्रवाल, एसडीएम बांधवगढ अंबिकेश प्रताप सिंह, मिथिलेश मिश्रा समेत बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता मौजूद रहे। 

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